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| सुबह जल्दी उठने के तरीका |
कब मन में आता है उठना है।
सुबह उठना कौन नहीं चाहता। हम लोग जानते हैं कि सुबह उठना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। हमें यह भी पता है सुबह उठने के बाद work करने से, और योगा करने से Health अच्छा रहता है। हमें यह सब पता है लेकिन फिर भी सुबह उठ नहीं पाते। हमें कब मन में आता है कि सुबह उठना है, जब हम बीमार पड़ जाते है, या फिर अपने को दूसरों से कंपेयर करके।![]() |
| सुबह जल्दी उठने के तरीका |
यह सब देखने के बाद आपकी Mind में एक झटका सा लगती है। फिर आप यह सोचते हो कि मुझे किसी भी तरह से सुबह 5 बजे उठना है। यह सोचते हुए आप सारे काम जल्दी जल्दी खत्म करी। आपको यह पता है कि अगर सुबह 5 बजे उठना है तो रात को जल्दी सोना पड़ेगा। इसे सोचते हुए आप जल्दी सोने के लिए कोशिश कर रही हो। लेकिन नींद नहीं आ रहा है, आपके एक कान में बज रहा है सुबह जल्दी उठना है, और एक कान में बज रहा है नींद नहीं आ रहा है। नींद नहीं आ रहा है इसके लिए आप सोचने लगे थोड़ा मोबाइल Use कर लेता हूं या फिर थोड़ा टीवी देख लेता हूं फिर सोऊंगा। आधे घंटे से क्या होगा। मोबाइल यूज करते करते आप की Mood पूरी तरह से चेंज हो गया। आपको पता ही नहीं है कि रात को जल्दी सोना है, सुबह जल्दी उठना है। यह सब करने के बाद अब जब भी सोने के लिए जाते हो तो आप देखते हो 12 बज गए। अब आप जब भी सोने के लिए जाते हो तो आपके Mind में ये आता है कि आज भी 12 बज गए सुबह उठना बहुत ही मुश्किल है। जैसे ही आपने यह सोचा की सुबह उठना बहुत ही मुश्किल है, तो आपकी Mind वैसे काम करता है कि सुबह उठना वाकई मुश्किल है। आपके सामने एक् नहीं दो नहीं हजार बजा रख देगी के सुबह उठना बहुत मुश्किल है। यह एक भी बजा सच नहीं होगी, आपके आपकी बनाया होगा होगी। जैसे For Example-mind मैं एक ही बात चली होगी, यार पहले भी उठने की बहुत बार कोशिश की थी लेकिन उठ नहीं पाई, अब खाक उठ पाऊंगा। वैसे हजारों थॉट्स आएगी। आपके mind में ऐसे सोचते सोचते 5 बजे कि बदले 7 बजे की अलार्म सेट कर देंगे। अब आप सोच रहे हो 2 घंटे से क्या फर्क पड़ता है, थोड़ा कम work कर लेंगे। अब आपके mind में यह आता है की एक आर्टिकल में पढ़ा था कि रात को 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
तो सुबह जल्दी कैसे उठे।
तो रात में सोने से पहले आपके mind में यह बोलना है कि, रात को मैं कितना भी Let हो जाऊं, मेरे लिए सुबह उठना आसान है, आसान है, आसान है। तो सच बताओ, तब क्या होगा, जब भी आप एक दो बार बोलोगे आसान है तो आपकी mind यह बोलेगी कि अबे पागल है। क्या आसान है। तब आप दोबारा बोलना आसान है। फिर बोलना आसान है। ऐसे करके जब पांच छ: बार यह बोलोगी कि सुबह उठना मेरे लिए आसान है। तो आपके Mind आपके सामने हजर बजा रख देगी की आपको सुबह उठना क्यों आसान है। mind अलग directions मैं चला जाएगा। तब उस टाइम आपके सामने यह आएगा कि, For Example- अरे यार पहले भी तो कितने बार सुबह उठके ट्रेन पकड़ी है , और ट्रेन पकड़ने के लिए सुबह 4 बजे उठा था। वह भी बिना अलार्म के। अब 5 बजाइए तो उठना है, कौनसा पहाड़ तोड़ना है। एक बार ट्रेन चला गया तो फिर पकड़ लूंगा, और एक बार बॉडी चला गया तो कैसे लाऊंगा। ऐसे सुबह उठने का हजारों Example आपके सामने आ जाएगा। अब फर्क देख पा रही हो कैसे Possitiv Thinking negative thoughts को रोक रही है। तो अब आप mind से कहो सुबह उठना आसान है आसान है।।Thank You For Watching This Blogs....



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